आईजी ने सदर थाना का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश


पूर्णिया।
पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से पूर्णिया प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विवेकानंद ने शुक्रवार को सदर थाना, पूर्णिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर में पुलिस बल द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत भी मौजूद रहीं।
निरीक्षण के क्रम में आईजी विवेकानंद ने थाना परिसर, कार्यालय कक्ष, हाजत, मालखाना, महिला हेल्प डेस्क, अभिलेख कक्ष सहित थाने की विभिन्न शाखाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने थाने में दर्ज मामलों, लंबित कांडों की स्थिति, उनके निष्पादन की प्रगति तथा अनुसंधान की गुणवत्ता की विस्तार से समीक्षा की।

आईजी ने थाना अभिलेखों की जांच करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी कांड में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निष्पादित करते हुए न्यायालय में सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई हो।

निरीक्षण के दौरान आईजी ने थाना प्रभारी एवं उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों से कहा कि “पीपुल्स फ्रेंडली पुलिसिंग” को प्राथमिकता दी जाए। आम जनता जब भी थाना पहुंचे, उसे सम्मान, संवेदनशीलता और सहयोग का अनुभव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और आम लोगों के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी ही बेहतर कानून-व्यवस्था की आधारशिला होती है।

आईजी विवेकानंद ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों के निवारण में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। फरियादियों को अनावश्यक रूप से थाने के चक्कर न लगाने पड़ें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता से ही समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।

निरीक्षण के दौरान आईजी ने थाने में दर्ज महिला एवं बच्चों से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में विशेष सावधानी, संवेदनशीलता और कानून के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई की जाए। महिला हेल्प डेस्क को और अधिक सक्रिय बनाते हुए पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान करने का निर्देश भी दिया गया।
आईजी ने थाना परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था एवं रिकॉर्ड संधारण पर भी संतोष व्यक्त किया, वहीं कुछ बिंदुओं पर आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि थाना केवल कानून-व्यवस्था का केंद्र नहीं, बल्कि आम जनता के लिए न्याय और सुरक्षा का पहला द्वार है। इसलिए थाने का वातावरण सुव्यवस्थित और अनुशासित होना चाहिए।

इस मौके पर पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत ने आईजी को जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों एवं हालिया उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में अपराध नियंत्रण, गश्ती व्यवस्था, लंबित मामलों के निष्पादन और जनसंपर्क को लेकर लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
आईजी विवेकानंद ने जिले में चल रहे अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पूर्णिया पुलिस बेहतर कार्य कर रही है। उन्होंने निर्देश दिया कि आगामी त्योहारों एवं संवेदनशील अवसरों को ध्यान में रखते हुए सतर्कता और गश्ती को और मजबूत किया जाए।

निरीक्षण के दौरान आईजी ने यह भी कहा कि पुलिस कर्मियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे बदलते अपराध के स्वरूप और तकनीकी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपट सकें। साइबर अपराध, महिला अपराध और संगठित अपराध पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में आईजी ने पुलिस पदाधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही पुलिस का सर्वोच्च धर्म है और इसी भावना के साथ प्रत्येक पुलिसकर्मी को कार्य करना चाहिए।

आईजी के इस निरीक्षण से पुलिस पदाधिकारियों में कार्य के प्रति नई ऊर्जा और सजगता देखी गई। आम लोगों को भी इससे यह संदेश मिला कि पुलिस प्रशासन उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर और संवेदनशील है।

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