ट्रैक सुरक्षा को लेकर मालदा मंडल का सख्त अभियान,अनधिकृत क्रॉसिंग सुरक्षित कर बढ़ाई गई रेल संरक्षा

मालदा/भागलपुर।
रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और रेल परिचालन को निर्बाध बनाए रखने के उद्देश्य से पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा ट्रैक सुरक्षा को लेकर लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में मालदा मंडल ने अनधिकृत रेल क्रॉसिंग के खिलाफ एक व्यापक संयुक्त अभियान चलाया। यह अभियान 07 फरवरी 2026 को आरपीएफ पोस्ट भागलपुर और इंजीनियरिंग विभाग, मालदा मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त टीम द्वारा संचालित किया गया।
इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे ट्रैक पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना, अवैध वाहन एवं पैदल आवागमन पर नियंत्रण लगाना और यात्रियों के साथ-साथ ट्रेनों की सुरक्षा को मजबूत करना रहा। अधिकारियों ने बताया कि अनधिकृत क्रॉसिंग रेलवे सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती हैं और इसके कारण अक्सर हादसों की आशंका बनी रहती है।
अभियान के दौरान तीन और चार पहिया वाहनों द्वारा उपयोग की जा रही अनधिकृत क्रॉसिंग को सुरक्षित किया गया। वहीं, दो और तीन पहिया वाहनों वाली अनधिकृत क्रॉसिंग पर बैरिकेडिंग कर दी गई। इसके साथ ही उन क्रॉसिंग से जुड़े पहुंच मार्गों को बंद कर अवैध वाहन आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। इन कदमों से ट्रैक पर अनावश्यक आवाजाही बंद हुई और रेल सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई केवल अस्थायी नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई है। अनधिकृत क्रॉसिंग से होने वाले हादसों में अक्सर आम नागरिकों की जान जाती है और ट्रेन परिचालन भी बाधित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मालदा मंडल ने ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है।
अभियान के तहत धौनी–बाराहाट रेलवे लाइन के समीप स्थित छह अनधिकृत झोपड़ियों को हटाया गया। ये झोपड़ियाँ ट्रैक के अत्यंत नजदीक बनी हुई थीं, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती थी। रेलवे प्रशासन ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए इन झोपड़ियों को हटाया और ट्रैक के आसपास की भूमि को सुरक्षित किया।
इसके अलावा अन्य संवेदनशील स्थानों पर ट्रेंचिंग और बैरिकेडिंग का कार्य भी जारी रखा गया है। इंजीनियरिंग विभाग द्वारा ट्रैक के दोनों ओर गहरी खाइयाँ (ट्रेंच) खोदी जा रही हैं, ताकि लोग और वाहन अवैध रूप से ट्रैक पार न कर सकें। साथ ही मजबूत बैरिकेड लगाकर चेतावनी संकेत भी लगाए जा रहे हैं।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि यह सुरक्षा अभियान भागलपुर–बांका–दुमका सेक्शन में पहचाने गए कई अनधिकृत क्रॉसिंग स्थलों पर सफलतापूर्वक लागू किया गया है। इस सेक्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग अनधिकृत मार्गों से ट्रैक पार करते थे, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। अब इन स्थानों पर सुरक्षा उपाय लागू होने से जोखिम में कमी आई है।
मालदा मंडल के अधिकारियों के अनुसार, इन उपायों से न केवल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि ट्रेनों का सुचारू और समयबद्ध संचालन भी सुनिश्चित होगा। अनधिकृत क्रॉसिंग के कारण अक्सर ट्रेनों को धीमी गति से चलाना पड़ता है या आकस्मिक ब्रेक लगाने की स्थिति बनती है, जिससे परिचालन दक्षता प्रभावित होती है। अब इन बाधाओं के हटने से ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित और प्रभावी होगा।
मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता ने कहा कि रेलवे सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि मालदा मंडल द्वारा अन्य अनधिकृत क्रॉसिंग स्थानों की पहचान कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित किया जाएगा। इसके लिए फील्ड-लेवल पर लगातार निरीक्षण और अभियान जारी रहेंगे।
रेलवे प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि लोग केवल अधिकृत रेलवे फाटकों और ओवरब्रिज का ही उपयोग करें। अनधिकृत रूप से ट्रैक पार करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। रेल सुरक्षा केवल रेलवे की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
मालदा मंडल की यह पहल यह दर्शाती है कि पूर्व रेलवे सुरक्षित, निर्बाध और विश्वसनीय रेल सेवा प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में इस तरह के और भी अभियान चलाए जाएंगे, ताकि रेल हादसों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा दिया जा सके।
