सलाखों के पीछे भी सेहत की सुरक्षा: छपरा मंडल कारा में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को मिला नया बल

छपरा, 24 फरवरी 2026 — फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण और मानवीय पहल करते हुए जिला प्रशासन ने छपरा मंडल कारा में बंद कैदियों को भी इस अभियान से जोड़ा है। सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम के तहत जेल परिसर में तीन दिवसीय विशेष कैंप का आयोजन कर बंदियों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जा रही है।
यह पहल दर्शाती है कि स्वास्थ्य सुरक्षा केवल समाज के खुले हिस्सों तक सीमित नहीं, बल्कि जेल जैसे बंद संस्थानों में रह रहे लोगों तक भी समान रूप से पहुंचाई जा रही है।
1686 कैदियों को दवा देने का लक्ष्य
जेल प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार छपरा मंडल कारा में वर्तमान में कुल 1686 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें:
1603 पुरुष कैदी
83 महिला कैदी
शामिल हैं।

अभियान के तहत सभी बंदियों को फाइलेरिया से बचाव की दवा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति इस गंभीर बीमारी के खतरे से वंचित न रह जाए।
तीन दिनों तक चलेगा विशेष कैंप
जेल परिसर में लगाए गए इस विशेष कैंप को तीन दिनों तक संचालित किया जाएगा।
इस अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में दो-दो प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं, जो चिकित्सकीय निगरानी में कैदियों को दवा खिला रहे हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी बंदियों तक दवा सुरक्षित रूप से पहुंचे और कोई भी दवा सेवन से वंचित न रह जाए।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल
इस विशेष अभियान में जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त भूमिका रही।
कार्यक्रम के दौरान निम्न अधिकारी उपस्थित रहे:
जिला वेक्टर रोग सलाहकार
वीडीसीओ
स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि
सहयोगी संस्था Piramal के प्रतिनिधि
इसके अतिरिक्त, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार ने भी अभियान की निगरानी की।
फाइलेरिया रोधी दवा पूरी तरह सुरक्षित
स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है।

यह दवा शरीर में मौजूद परजीवी कृमियों को नष्ट कर बीमारी के प्रसार को रोकती है।
दवा सेवन के बाद यदि किसी बंदी को हल्की प्रतिक्रिया होती है तो वह सामान्य और अस्थायी होती है।
क्यों जरूरी है यह अभियान?
फाइलेरिया एक गंभीर वेक्टर जनित बीमारी है, जो मच्छरों के माध्यम से फैलती है और लंबे समय तक शरीर को प्रभावित कर सकती है।
इस बीमारी के कारण:
सूजन
स्थायी विकलांगता
सामाजिक और मानसिक समस्याएं
जैसी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।
इसी कारण इसे जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक दवा सेवन अभियान चलाया जा रहा है।

जेलों को भी बनाया गया अभियान का हिस्सा
फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग तक दवा पहुंचाना आवश्यक है।
जेल जैसे संस्थानों में बड़ी संख्या में लोग एक साथ रहते हैं, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका अधिक होती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष कैंप लगाकर बंदियों को भी इस अभियान से जोड़ा है।
10 फरवरी से चल रहा है सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम
जिले में 10 फरवरी से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

इस कार्यक्रम के तहत:
बूथ आधारित कैंप
घर-घर संपर्क अभियान
संस्थागत दवा वितरण
के माध्यम से लोगों तक फाइलेरिया रोधी दवा पहुंचाई जा रही है।
छपरा मंडल कारा में आयोजित यह कैंप इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील प्रशासन
यह पहल इस बात का प्रमाण है कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर संवेदनशील है और समाज के हर वर्ग की चिंता करता है।
बंदी भी समाज का हिस्सा हैं और उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना उतना ही आवश्यक है जितना आम नागरिकों का।

जनता से अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत दवा का सेवन अवश्य करें।
सामूहिक भागीदारी से ही इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
निष्कर्ष
छपरा मंडल कारा में आयोजित यह विशेष स्वास्थ्य कैंप फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को नई गति देने वाला कदम साबित हो रहा है।

यह पहल दर्शाती है कि स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी वर्ग उपेक्षित नहीं है।
सलाखों के पीछे रह रहे बंदियों तक भी दवा पहुंचाकर प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि स्वस्थ समाज के निर्माण में सबकी भागीदारी जरूरी है।
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