होली से पहले बिहार में हाई अलर्ट: 13 जिलों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सोशल मीडिया पर 24×7 निगरानी

होली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से बिहार के कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राज्य प्रशासन ने दरभंगा, समस्तीपुर, सारण, गोपालगंज, सिवान, गया, औरंगाबाद, नवादा, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया, भागलपुर और बांका समेत कुल 13 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। इस निर्णय के तहत पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। होली जैसे बड़े पर्व में जहां एक ओर सामाजिक समरसता का संदेश होता है, वहीं दूसरी ओर असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने की आशंका भी बनी रहती है। इन्हीं संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पहले ही विशेष निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

हाई अलर्ट के तहत संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और धार्मिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
इन जिलों में शामिल प्रमुख स्थानों में दरभंगा, समस्तीपुर, सारण, गोपालगंज, सिवान, गया, औरंगाबाद, नवादा, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया, भागलपुर और बांका शामिल हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन जिलों में किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना को फैलने से रोकना भी प्राथमिकता में शामिल है। इसके लिए सोशल मीडिया सेल को विशेष रूप से सक्रिय कर दिया गया है। यह सेल 24 घंटे निगरानी करेगा और फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, ट्विटर सहित अन्य प्लेटफार्मों पर नजर रखेगा।

अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने या साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न करने की कोशिश करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साइबर टीम को निर्देश दिया गया है कि संदिग्ध पोस्ट, वीडियो या संदेशों की तुरंत जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर फ्लैग मार्च, शांति समिति की बैठकें और जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें। इन बैठकों के माध्यम से लोगों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और त्योहार को भाईचारे के साथ मनाएं।
इसके अलावा शराब तस्करी, हुड़दंग और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। सीमा क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों पर वाहन जांच तेज कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की योजना बनाई गई है।
प्रशासन का मानना है कि त्योहारों के दौरान छोटी-छोटी घटनाएं भी बड़ा रूप ले सकती हैं, इसलिए समय रहते सतर्कता जरूरी है। इसी के तहत स्थानीय स्तर पर दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार क्षेत्र भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखेंगे।

राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह सड़क पर हुड़दंग मचाने वाले हों या सोशल मीडिया के माध्यम से माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले, सभी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। साथ ही किसी भी अपुष्ट खबर या संदेश को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें।
त्योहार के दौरान सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए अधिकारियों ने कहा कि होली प्रेम और सद्भाव का पर्व है, इसे शांति और अनुशासन के साथ मनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

अंत में प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि होली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। सभी जिलों में सतत निगरानी जारी रहेगी और स्थिति के अनुसार अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि राज्य में शांति और सौहार्द का माहौल बना रहे।

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