गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दाखिल किया नामांकन

पटना। बिहार की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने गुरुवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah भी मौजूद रहे। नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में एनडीए के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ देखने को मिली। पूरे इलाके में उत्साह का माहौल रहा और समर्थकों ने नारेबाजी कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
नामांकन दाखिल करने से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समर्थकों के साथ एक भव्य रोड शो भी किया। रोड शो में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। जगह-जगह फूल बरसाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल बना रहा।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। नामांकन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वे विशेष रूप से पटना पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि बिहार में विकास और सुशासन की जो मिसाल बनी है, उसमें नीतीश कुमार का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में पिछले वर्षों में काफी सुधार हुआ है।
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार और बिहार सरकार मिलकर राज्य के विकास के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरें और एनडीए के उम्मीदवारों को भारी मतों से विजयी बनाएं।
नामांकन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा जनता की सेवा को प्राथमिकता दी है और आगे भी इसी भावना के साथ काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई गई हैं, जिनका लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में व्यापक काम हुआ है। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर तक विकास की योजनाएं पहुंचाई गई हैं, जिससे गांवों की तस्वीर बदल रही है। नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। इसी विश्वास के आधार पर वे चुनाव मैदान में उतरे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि जनता एक बार फिर विकास और सुशासन के मुद्दे पर अपना समर्थन देगी।
इस मौके पर एनडीए के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास की नई दिशा पाई है। राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, बिजली आपूर्ति, शिक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था में सुधार को लेकर सरकार की पहल की सराहना की गई।
नामांकन के दौरान प्रशासन की ओर से भी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पूरे इलाके में पुलिस बल की तैनाती की गई थी और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा के मद्देनजर कई जगह बैरिकेडिंग भी की गई थी ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता भी शामिल हुईं। उन्होंने मुख्यमंत्री के समर्थन में नारे लगाए और विकास कार्यों की सराहना की। कई जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिससे पूरे माहौल में उत्साह का माहौल बना रहा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी से यह साफ संदेश गया है कि केंद्र और राज्य में गठबंधन मजबूत है। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ा है और चुनावी माहौल में नई ऊर्जा आई है।
वहीं विपक्षी दलों ने भी इस कार्यक्रम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष का कहना है कि चुनाव में असली फैसला जनता करेगी। हालांकि एनडीए के नेताओं का दावा है कि विकास और सुशासन के मुद्दे पर उन्हें जनता का पूरा समर्थन मिलेगा।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नामांकन कार्यक्रम केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन भी था। जिस तरह से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक इसमें शामिल हुए, उससे यह संकेत मिला कि चुनाव को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है।
फिलहाल नामांकन के बाद अब चुनाव प्रचार और तेज होने की संभावना है। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में प्रदेश में कई बड़े नेताओं की सभाएं और रोड शो भी देखने को मिल सकते हैं।
ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनावी मुकाबले में जनता किसे अपना समर्थन देती है। फिलहाल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नामांकन के साथ ही चुनावी गतिविधियां और तेज हो गई हैं और राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंचती नजर आ रही है।
