भीमबांध के गर्म जल स्रोत का प्रत्यक्ष अवलोकन कर उत्साहित हुए बच्चे

भागलपुर/जगदीशपुर, संवाददाता।
प्रखंड जगदीशपुर के विभिन्न मध्य विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री बिहार दर्शन (परिभ्रमण योजना) के तहत मुंगेर जिले के प्रसिद्ध गर्म जल स्रोत भीमबांध का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस परिभ्रमण कार्यक्रम में शामिल बच्चों ने प्राकृतिक गर्म जल स्रोत, आसपास के जंगलों और वहां के प्राकृतिक वातावरण का प्रत्यक्ष अवलोकन कर काफी उत्साह व्यक्त किया। बच्चों के लिए यह शैक्षणिक यात्रा ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुई।
इस शैक्षणिक भ्रमण में मध्य विद्यालय जगदीशपुर, मध्य विद्यालय दीननगर, मध्य विद्यालय मुस्तफापुर हिन्दी तथा मध्य विद्यालय भवानीपुर देशरी के लगभग दो सौ छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। बच्चों के साथ विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी मौजूद रहे और उन्होंने बच्चों को भ्रमण के दौरान विभिन्न स्थलों की जानकारी दी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पाठ्य पुस्तकों में पढ़ाए जाने वाले विषयों को वास्तविक रूप में दिखाना और उन्हें प्रकृति तथा ऐतिहासिक स्थलों से परिचित कराना था।
परिभ्रमण कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानाध्यापक आशुतोष चन्द्र मिश्र, राजकिशोर ठाकुर तथा आनंद कुमार सिंह कर रहे थे। उनके मार्गदर्शन में बच्चों ने पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया और गर्म जल स्रोत के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। बच्चों को बताया गया कि भीमबांध क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और गर्म जल स्रोत के लिए प्रसिद्ध है। यहां जमीन के भीतर से निकलने वाला पानी स्वाभाविक रूप से गर्म होता है, जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं के कारण होता है।
प्रधानाध्यापक आशुतोष चन्द्र मिश्र ने बताया कि मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के तहत छात्रों को राज्य के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के शैक्षणिक ज्ञान को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि बच्चे कक्षा में पाठ्य पुस्तकों के माध्यम से जिन विषयों को पढ़ते हैं, जब वे उन्हें प्रत्यक्ष रूप से देखते और समझते हैं तो उनकी समझ और अधिक मजबूत हो जाती है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों के अंदर सीखने की रुचि बढ़ती है और वे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि एक रोचक अनुभव के रूप में देखते हैं। प्राकृतिक स्थलों का अवलोकन करने से बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है और वे प्रकृति के महत्व को समझते हैं।
भ्रमण के दौरान बच्चों ने भीमबांध के गर्म जल स्रोत को करीब से देखा और उसके बारे में शिक्षकों से जानकारी प्राप्त की। बच्चों को बताया गया कि यह क्षेत्र प्राकृतिक खनिजों से भरपूर है और यहां के गर्म जल स्रोत का धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी काफी महत्व है। इस स्थल के बारे में सुनकर बच्चे काफी उत्साहित हुए और उन्होंने अपने शिक्षकों से कई सवाल भी पूछे।
शिक्षकों ने बच्चों को यह भी बताया कि भीमबांध क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है और यहां कई प्रकार के वन्य जीव भी पाए जाते हैं। इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण बच्चों को काफी आकर्षित कर रहा था। बच्चों ने यहां की पहाड़ियों, जंगलों और प्राकृतिक जल स्रोतों को देखकर खुशी जाहिर की और इस अनुभव को अपने जीवन की यादगार यात्रा बताया।
इस अवसर पर बच्चों को अनुशासन और सुरक्षा के बारे में भी विशेष रूप से जागरूक किया गया। शिक्षकों ने उन्हें समूह में रहने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने की सलाह दी। बच्चों को यह भी बताया गया कि पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और हमें प्रकृति की रक्षा करनी चाहिए।
इस शैक्षणिक भ्रमण में शिक्षिका दुर्गा कुमारी, वीणा कुमारी, प्रज्ञा, प्रतिमा मिश्रा, प्रीति कुमारी, शाहिना खातून, सोनी कुमारी, रूकैया बेगम, कनकलता, स्वीटी कुमारी, संगीता कुमारी और नौसाबा सहित कई शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। इनके अलावा शिक्षक व्यास शर्मा, मो. कलाम, कंचन कुमार और अर्श भी बच्चों के साथ इस परिभ्रमण में शामिल रहे।
विद्यालय के कर्मी खुशबू देवी और सुलोचना देवी ने भी बच्चों की देखभाल और व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी शिक्षकों और कर्मियों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि बच्चों को भ्रमण के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित रूप से इस यात्रा का आनंद ले सकें।
भ्रमण में शामिल बच्चों ने बताया कि उन्होंने पहली बार किसी गर्म जल स्रोत को इतने करीब से देखा है। यह अनुभव उनके लिए बिल्कुल नया और रोमांचक था। कई बच्चों ने कहा कि उन्होंने किताबों में गर्म जल स्रोत के बारे में पढ़ा था, लेकिन उसे अपनी आंखों से देखना उनके लिए बहुत खास अनुभव रहा।
बच्चों ने इस शैक्षणिक यात्रा के लिए सरकार और अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से उन्हें नई-नई जगहों के बारे में जानने और समझने का अवसर मिलता है। इससे उनके ज्ञान में वृद्धि होती है और पढ़ाई के प्रति रुचि भी बढ़ती है।
विद्यालय प्रबंधन ने भी इस कार्यक्रम को सफल बताते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चों को किताबों के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी मिल सके। मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के तहत आयोजित यह परिभ्रमण कार्यक्रम बच्चों के लिए यादगार और शिक्षाप्रद अनुभव बन गया। इस यात्रा के माध्यम से बच्चों ने न केवल एक प्रसिद्ध प्राकृतिक स्थल का अवलोकन किया, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के महत्व को भी करीब से समझा।
