प्रारंभिक विद्यालयों में वार्षिक मूल्यांकन शुरू, जगदीशपुर सहित जिले भर में शांतिपूर्ण ढंग से हुई परीक्षा

भागलपुर। प्रखंड जगदीशपुर सहित बिहार के सभी प्रारंभिक सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों का वार्षिक मूल्यांकन गुरुवार से प्रारंभ हो गया। पहले दिन विभिन्न विद्यालयों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजित की गई। इस दौरान विद्यालयों में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में मूल्यांकन कार्य संपन्न हुआ। परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला, वहीं शिक्षकों ने भी पूरी जिम्मेदारी के साथ मूल्यांकन प्रक्रिया को संपन्न कराया।
जानकारी के अनुसार वार्षिक मूल्यांकन के पहले दिन प्रथम पाली में कक्षा तीन से आठ तक के विद्यार्थियों का सामाजिक विज्ञान, पर्यावरण और “हम” विषय का लिखित मूल्यांकन कराया गया। वहीं द्वितीय पाली में कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों का हिंदी और उर्दू विषय का मौखिक मूल्यांकन किया गया। निर्धारित समय पर परीक्षा प्रारंभ हुई और सभी विद्यालयों में निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षा आयोजित की गई।
जगदीशपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय जगदीशपुर में परीक्षा के पहले दिन का माहौल काफी उत्साहपूर्ण रहा। विद्यालय के प्रधानाध्यापक के नेतृत्व में विद्यार्थियों का विशेष तरीके से स्वागत किया गया। बच्चों को विद्यालय में प्रवेश के समय तिलक लगाकर शुभकामनाएं दी गईं और उन्हें आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल से विद्यार्थियों में सकारात्मक माहौल बना और वे उत्साहपूर्वक परीक्षा में शामिल हुए।
विद्यालय प्रशासन की ओर से बताया गया कि छोटे बच्चों के मन से परीक्षा का भय दूर करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस तरह की पहल की गई। शिक्षकों ने बच्चों को समझाया कि परीक्षा उनके ज्ञान के मूल्यांकन का एक माध्यम है और इसे बिना किसी दबाव के देना चाहिए।
मध्य विद्यालय जगदीशपुर में कक्षा प्रथम के विद्यार्थियों का मौखिक मूल्यांकन आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) के माध्यम से कराया गया। इसके लिए विद्यालय में उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया गया। आईसीटी आधारित मूल्यांकन के माध्यम से बच्चों की भाषा क्षमता और समझ को परखा गया। शिक्षकों ने बताया कि इस तरह की आधुनिक पद्धति से बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है।
जगदीशपुर प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में भी परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों ने मिलकर परीक्षा की पूरी व्यवस्था संभाली। परीक्षा के दौरान सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया गया।
इस अवसर पर कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। इनमें आशुतोष चन्द्र मिश्र, राजकिशोर ठाकुर, प्रणव कुमार पाण्डेय, आनंद कुमार सिंह, राजन कुमार झा, अमित कुमार, सुभाष चंद्र पासवान, श्रवण रजक, चंदन कुमार, विनीत रंजन, शीला कुमारी और अनिता कुमार सहित अन्य शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों में परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी निभाई।
शिक्षकों ने बताया कि वार्षिक मूल्यांकन का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का आकलन करना है। इससे यह पता चलता है कि पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने क्या सीखा और किन क्षेत्रों में उन्हें और सुधार की आवश्यकता है। इसी आधार पर आगामी सत्र में शिक्षण कार्य को और प्रभावी बनाने की योजना तैयार की जाती है।
विद्यालयों में परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान दिया गया। कक्षाओं में बैठने की उचित व्यवस्था की गई और शिक्षकों की निगरानी में मूल्यांकन कार्य संपन्न कराया गया। छोटे बच्चों के लिए विशेष रूप से सहज और अनुकूल वातावरण तैयार किया गया ताकि वे बिना किसी दबाव के परीक्षा दे सकें।
शिक्षकों का कहना है कि इस तरह के मूल्यांकन से विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ती है और वे अपने ज्ञान का बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करते हैं। वहीं अभिभावकों के लिए भी यह जानना आसान हो जाता है कि उनके बच्चे की पढ़ाई किस स्तर तक पहुंची है।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार वार्षिक मूल्यांकन की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी। सभी कक्षाओं के लिए अलग-अलग विषयों की परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएगी। इसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर परिणाम तैयार किया जाएगा।
जगदीशपुर प्रखंड के शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि परीक्षा के दौरान विद्यालयों में जिस तरह का सकारात्मक माहौल बनाया गया है, उससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। तिलक लगाकर स्वागत करने और प्रोत्साहित करने जैसी पहल से बच्चों के मन से परीक्षा का तनाव कम होता है।
कुल मिलाकर प्रखंड जगदीशपुर सहित जिले के सभी प्रारंभिक सरकारी विद्यालयों में वार्षिक मूल्यांकन का पहला दिन शांतिपूर्ण और सफल रहा। शिक्षकों, विद्यार्थियों और विद्यालय प्रशासन के सहयोग से परीक्षा सुचारु रूप से संपन्न हुई। आने वाले दिनों में भी इसी तरह व्यवस्थित तरीके से मूल्यांकन कार्य जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
