मुंगेर में ‘समृद्धि यात्रा’ का आगाज़, विकास योजनाओं की सौगात के साथ ‘विकसित बिहार’ का आह्वान

मुंगेर। बिहार को समृद्धि की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री की ‘समृद्धि यात्रा’ गुरुवार को मुंगेर पहुंची, जहां विकास योजनाओं की झड़ी के बीच जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों से किए गए वादों को निभाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन कर उन्हें जनता को समर्पित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि विकास और सुशासन के मुद्दों पर आमजन का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
हवाई अड्डा मैदान में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में दूर-दराज के गांवों से आए लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर ज़मीन पर उतारना और हर पात्र व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार ने आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, और आने वाले समय में इसे और तेज़ किया जाएगा।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहे। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां प्रदर्शित योजनाओं एवं उत्पादों की जानकारी ली। ग्रामीण विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग विभाग से जुड़े स्टॉलों पर अधिकारियों ने योजनाओं की जानकारी दी। खासकर जीविका समूहों द्वारा तैयार उत्पादों ने मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए उनकी बेहतर ब्रांडिंग और बाज़ार तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाभुकों से सीधे संवाद स्थापित किया। उन्होंने योजनाओं के लाभार्थियों को मंच पर बुलाकर उनसे बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। कई लाभुकों को प्रतीकात्मक रूप से चेक भी वितरित किए गए, जिससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच सरकार की योजनाओं के प्रति भरोसा और बढ़ा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ देने में किसी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ‘विकसित बिहार’ का सपना तभी साकार होगा जब सरकार और समाज मिलकर काम करें। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और किसानों को राज्य के विकास में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार सृजन, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी व्यापक सुधार किए जा रहे हैं, ताकि हर व्यक्ति को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। डिजिटल माध्यमों के जरिए योजनाओं की निगरानी और शिकायतों के समाधान की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इन प्रयासों से बिहार आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बनाएगा।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में राज्य सरकार की विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान लोगों ने अपनी समस्याएं भी रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए गए।

मुंगेर में आयोजित यह कार्यक्रम ‘समृद्धि यात्रा’ के उद्देश्य को साकार करता नजर आया, जहां सरकार सीधे जनता के बीच पहुंचकर न केवल योजनाओं की जानकारी दे रही है, बल्कि उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन भी कर रही है। इससे न सिर्फ योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आम लोगों का सरकार पर भरोसा भी और मजबूत होगा।

समाप्ति पर मुख्यमंत्री ने मुंगेरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं और बिहार को विकसित राज्य बनाने में अपना योगदान दें। ‘समृद्धि यात्रा’ का यह पड़ाव न केवल विकास की नई इबारत लिखने का संकेत देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि बिहार अब तेज़ी से बदलाव की ओर बढ़ रहा है।

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