भागलपुर में चला व्यापक साइबर जागरूकता अभियान

चौक-चौराहों, बाजारों और विद्यालयों में पुलिस ने लोगों को किया सतर्क, ऑनलाइन ठगी से बचाव की दी जानकारी

भागलपुर। साइबर अपराधों के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए भागलपुर पुलिस ने शुक्रवार को जिलेभर में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य आम लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया हैकिंग, यूपीआई फ्रॉड और डिजिटल अपराधों के प्रति जागरूक करना था।
अभियान का संचालन पुलिस अधीक्षक नगर की निगरानी तथा पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के नेतृत्व में साइबर थाना, भागलपुर की टीम द्वारा किया गया। इस दौरान शहर के विभिन्न चौक-चौराहों, बाजार क्षेत्रों, भीड़-भाड़ वाले स्थानों और विद्यालयों में जाकर लोगों को साइबर अपराध से बचने के उपाय बताए गए।
पुलिस टीम ने आम नागरिकों, दुकानदारों, वाहन चालकों, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के बीच साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूकता पंपलेट वितरित किए। पंपलेट के माध्यम से लोगों को बताया गया कि आज के डिजिटल दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान और व्यक्तिगत जानकारी की चोरी का कारण बन सकती है।
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर फोन किया जाता है, तो कभी केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर लिंक भेजा जाता है। कई मामलों में लोगों के मोबाइल पर फर्जी ऐप डाउनलोड करवा कर बैंक खाते खाली कर दिए जाते हैं।
साइबर थाना की टीम ने लोगों को विशेष रूप से चेतावनी दी कि किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बनकर OTP, ATM पिन, CVV नंबर या बैंकिंग जानकारी मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। पुलिस ने साफ कहा कि कोई भी बैंक या सरकारी संस्था फोन पर इस प्रकार की गोपनीय जानकारी नहीं मांगती है।
अभियान के दौरान UPI फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर भी विशेष चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई लोग QR कोड स्कैन करने या पैसे प्राप्त करने के नाम पर ठगी का शिकार हो जाते हैं। लोगों को बताया गया कि पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी UPI PIN डालने की आवश्यकता नहीं होती। यदि कोई व्यक्ति पैसे भेजने के बदले PIN डालने को कहता है, तो वह निश्चित रूप से ठग है।
विद्यालयों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया सुरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बताया कि सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड मजबूत रखना चाहिए और किसी भी अंजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करनी चाहिए। साथ ही फर्जी लिंक, गेमिंग ऐप और फेक वेबसाइट से भी दूर रहने की सलाह दी गई।
छात्रों को यह भी बताया गया कि आज साइबर अपराधी युवाओं और बच्चों को सबसे आसान निशाना मानते हैं। ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी स्कॉलरशिप लिंक, फ्री रिचार्ज ऑफर और सोशल मीडिया गिफ्ट स्कैम के जरिए ठगी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसलिए इंटरनेट का उपयोग करते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
बाजार क्षेत्रों में दुकानदारों को डिजिटल भुगतान के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई। पुलिस ने कहा कि कई बार साइबर अपराधी नकली स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों को ठग लेते हैं। इसलिए किसी भी भुगतान की पुष्टि अपने बैंक खाते या UPI ऐप में जांचने के बाद ही सामान दें।
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में भी जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी हो जाती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से कई मामलों में ठगी गई राशि को वापस प्राप्त किया जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अधिकांश लोग जानकारी के अभाव में साइबर अपराधियों के जाल में फंस जाते हैं। इसलिए जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। यदि लोग सतर्क और जागरूक रहें, तो साइबर अपराधों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
भागलपुर पुलिस की इस पहल को आम लोगों ने सराहा। कई नागरिकों ने कहा कि आज के समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और ऐसे में पुलिस द्वारा चलाया गया यह जागरूकता अभियान काफी उपयोगी साबित हो रहा है। लोगों ने कहा कि गांवों और स्कूलों में भी इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से होने चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें।
अभियान के दौरान साइबर थाना की टीम ने लोगों से यह भी अपील की कि वे अपने मोबाइल और बैंकिंग ऐप में समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें तथा टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें। साथ ही मोबाइल में केवल विश्वसनीय ऐप ही डाउनलोड करें और सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग करते समय सावधानी बरतें।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भागलपुर पुलिस द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएंगे। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए तकनीकी निगरानी के साथ-साथ जनजागरूकता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
अंत में पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं सतर्क रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता से बड़े आर्थिक नुकसान और साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।
