मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर का सचिव ने किया निरीक्षण, दिसंबर 2026 तक पूरा करने का निर्देश

पहले चरण में जीपीओ गोलंबर से पुराने बस स्टैंड तक जुलाई में शुरू हो सकता है आवागमन
पटना, 6 जून। राजधानी पटना की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से निर्माणाधीन मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर परियोजना का शनिवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों, अभियंताओं और निर्माण एजेंसी को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
सचिव ने तकनीकी टीम के साथ मीठापुर फ्लाईओवर से चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर (करबिगहिया मार्ग) को जोड़ने वाले पहुंच पथ तथा दोनों ओर बन रही सर्विस लेन के निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण स्थल पर मौजूद संवेदक और अभियंताओं को स्पष्ट रूप से कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही सभी कार्यों में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण यातायात गलियारों में से एक है। इसके पूरा होने के बाद आर-ब्लॉक गोलंबर, जीपीओ गोलंबर, मीठापुर गोलंबर, करबिगहिया स्टेशन और कंकड़बाग के बीच आवागमन काफी आसान और तेज हो जाएगा। इससे शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक दबाव कम होगा और लोगों का समय बचेगा।
करीब 292.74 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन इस फ्लाईओवर परियोजना की कुल लंबाई 1730 मीटर है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार परियोजना का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। अब तक नींव का कार्य पूरी तरह पूरा हो चुका है, जबकि सब-स्ट्रक्चर, सुपर-स्ट्रक्चर और पहुंच पथ निर्माण का लगभग 70 प्रतिशत कार्य संपन्न कर लिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के पहले चरण में जीपीओ गोलंबर से पुराने बस स्टैंड तक का हिस्सा जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं संपूर्ण परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने की योजना है।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने मानसून को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए संभावित बाधाओं की पहचान कर समय रहते उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
गौरतलब है कि इस फ्लाईओवर के निर्माण से नवनिर्मित मीठापुर-महुली फ्लाईओवर से शहर की ओर आने वाले भारी वाहनों और अन्य यातायात को सीधा एवं सुगम मार्ग मिलेगा। साथ ही मीठापुर गोलंबर का सीधा संपर्क NH-30 बाईपास से स्थापित हो जाएगा, जिससे बाहरी और अंतर-शहरी वाहनों को शहर के अंदरूनी व्यस्त मार्गों में प्रवेश किए बिना ही आवागमन की सुविधा मिलेगी। इससे राजधानी की यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार होने की उम्मीद है।

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