कामाख्या एक्सप्रेस में भीषण चोरी, एसी-2 कोच तक पहुंचे चोर

करीब एक दर्जन यात्रियों का मोबाइल, नकदी व आभूषण गायब, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कटिहार | मनोज कुमार
कटिहार में जोधपुर से कामाख्या जा रही 15623 कामाख्या एक्सप्रेस में हुई भीषण चोरी की घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रेन के विभिन्न कोचों में सफर कर रहे करीब एक दर्जन यात्रियों ने चोरी की शिकायत की है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चोरी की अधिकांश घटनाएं एसी-2 कोच में हुई हैं, जिसे आमतौर पर सबसे सुरक्षित माना जाता है।
यात्रियों के अनुसार, ट्रेन पटना से कटिहार के लिए रवाना होने के बाद उन्हें चोरी का अहसास हुआ। किसी यात्री का मोबाइल फोन गायब था तो किसी का पर्स, नकद राशि और यहां तक कि सोने के आभूषण भी चोर उड़ा ले गए। जब यात्रियों ने अपना सामान चेक किया तो कोच में अफरातफरी मच गई। बातचीत के दौरान पता चला कि एक नहीं बल्कि कई यात्री चोरी का शिकार हुए हैं।
कटिहार स्टेशन पहुंचते ही पीड़ित यात्रियों ने रेलवे प्रशासन के सामने अपनी आपबीती रखी और सुरक्षा व्यवस्था पर नाराजगी जताई। यात्रियों का आरोप है कि ट्रेन में पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं थी और न ही रात के समय किसी प्रकार की नियमित गश्त देखने को मिली। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया।
यात्रियों की बाइट
कमलेश कुमार, यात्री:
“एसी-2 कोच में सफर कर रहे थे, सुबह उठे तो मोबाइल और पर्स गायब था। इतनी सुरक्षित मानी जाने वाली बोगी में चोरी होना बेहद चिंताजनक है।”
केशव कुमार, यात्री:
“रात में न कोई टीटीई दिखा, न आरपीएफ की गश्त। कई लोगों का सामान चोरी हुआ है। रेलवे को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।”
पीड़ित यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि वे इस पूरे मामले की ऑनलाइन शिकायत रेलवे बोर्ड में दर्ज कराएंगे। फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
