होली से पहले कटिहार में अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान

कटिहार। होली पर्व को लेकर संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए Bihar Fire Services की टीम ने जिले में व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान का उद्देश्य होली के दौरान आग से होने वाली घटनाओं को रोकना तथा लोगों को सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत अग्निशमन विभाग की टीम शहर से लेकर गांव-गांव तक पहुंचकर आम नागरिकों से संवाद कर रही है और उन्हें आग से बचाव के उपायों की जानकारी दे रही है।
Katihar शहर सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में दमकल कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर लोगों से मुलाकात की जा रही है। टीम द्वारा पर्चे वितरित कर होलिका दहन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया जा रहा है। लोगों को समझाया जा रहा है कि त्योहार के उत्साह में छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए होली मनाते समय सुरक्षा के नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम लोगों को यह सलाह दे रही है कि होलिका दहन हमेशा खुले स्थान पर ही किया जाए। बिजली के तारों, घरों की दीवारों या संकरी गलियों के पास आग जलाने से बचें। साथ ही होलिका दहन के समय पास में पानी या रेत की व्यवस्था अवश्य रखें ताकि आग फैलने की स्थिति में तुरंत उसे नियंत्रित किया जा सके। लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि आग जलाने के लिए पेट्रोल, डीजल या केरोसिन जैसे ज्वलनशील पदार्थों का प्रयोग बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे आग अनियंत्रित हो सकती है।
दमकल कर्मियों ने अभिभावकों से विशेष रूप से अपील की है कि बच्चों को बिना निगरानी आग के पास न जाने दें। अक्सर देखा जाता है कि बच्चे खेल-खेल में जलती हुई लकड़ी या राख के पास चले जाते हैं, जिससे उनके झुलसने का खतरा बना रहता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान का विशेष महत्व है। गांवों में सूखे पुआल, भूसा, लकड़ी और फसल अवशेष अधिक मात्रा में मौजूद रहते हैं, जिससे आग फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। दमकल विभाग द्वारा किसानों को सलाह दी जा रही है कि खेतों के पास होलिका दहन न करें। साथ ही भूसे और सूखे अवशेषों को सुरक्षित दूरी पर रखें। टीम द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि यदि खेतों के आसपास आग लगती है तो इससे फसलों के साथ-साथ पशुधन और आवासीय क्षेत्रों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
बाजार क्षेत्रों में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। व्यापारियों को अपनी दुकानों में अग्निशमन यंत्र रखने तथा बिजली की वायरिंग की जांच कराने की सलाह दी जा रही है। दुकानदारों से कहा गया है कि दुकान के सामने कूड़ा-कचरा या ज्वलनशील सामग्री न रखें और होलिका दहन के समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।
विद्यालयों और युवाओं को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। छात्रों को सुरक्षित होली मनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है और उन्हें अपने परिवार तथा मोहल्ले में जागरूकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। दमकल विभाग का मानना है कि यदि युवा वर्ग इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएगा तो समाज में जागरूकता तेजी से फैलेगी।
अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि यदि कहीं आग लग जाए तो घबराएं नहीं और तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दें। आग बुझाने के प्रयास में जोखिम न लें और विशेषज्ञों की सहायता का इंतजार करें।
इस पहल का सकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने स्वयं सुरक्षित स्थान चिन्हित कर होलिका दहन की तैयारी शुरू कर दी है। कुछ पंचायतों में सामूहिक रूप से पानी और रेत की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
अग्निशमन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि होली खुशी और उत्साह का पर्व है, इसे सावधानी और जिम्मेदारी के साथ मनाएं। थोड़ी सी सतर्कता बड़े हादसों को रोक सकती है।
