कटिहार में सघन वाहन चेकिंग अभियान, डीएम आशुतोष द्विवेदी खुद सड़क पर उतरे, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती

  • रिपोर्ट – कटिहार
    जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में कटिहार जिला प्रशासन द्वारा विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी खुद सड़क पर उतरकर अभियान का निरीक्षण करने पहुंचे। डीएम की मौजूदगी से पूरे प्रशासनिक अमले में सक्रियता और सख्ती दोनों साफ देखने को मिली।
    यह विशेष अभियान जिले के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील मार्गों पर एक साथ चलाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना था। डीएम आशुतोष द्विवेदी ने खुद मौके पर पहुंचकर वाहनों की जांच की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
    जिलाधिकारी ने वाहन चालकों से हेलमेट, सीट बेल्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन के कागजात और प्रदूषण प्रमाण पत्र की जांच की। इस दौरान कई ऐसे वाहन चालक पकड़े गए, जो बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट या अधूरे कागजात के साथ सड़क पर चल रहे थे। ऐसे लोगों के खिलाफ मौके पर ही चालान काटा गया और उन्हें भविष्य में नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई।
    डीएम ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं, जिन्हें सख्ती और जागरूकता के माध्यम से रोका जा सकता है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन जरूर करें।
    अभियान के दौरान डीएम ने पुलिस पदाधिकारियों और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान सिर्फ चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसलिए वाहन चालकों को नियमों के बारे में समझाना और उन्हें सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करना भी जरूरी है।
    इस दौरान पुलिस अधीक्षक और परिवहन विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने संयुक्त रूप से वाहनों की जांच की और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की। कई जगहों पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों की भी जांच की गई, जिसके लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
    अभियान में खासतौर पर दोपहिया वाहन चालकों पर नजर रखी गई, क्योंकि अधिकतर दुर्घटनाएं इसी वर्ग में देखने को मिलती हैं। बिना हेलमेट चलने वालों पर विशेष रूप से कार्रवाई की गई। इसके साथ ही नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों पर भी सख्ती बरती गई और ऐसे मामलों में अभिभावकों को जिम्मेदार ठहराते हुए चेतावनी दी गई।
    डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन अपनी ओर से हर संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन इसमें आम जनता की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि लोग खुद नियमों का पालन करेंगे, तो सड़क दुर्घटनाओं में स्वतः कमी आएगी।
    इस अभियान के दौरान कई वाहन चालकों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि इस तरह के अभियान से लोगों में जागरूकता बढ़ती है और नियमों का पालन करने की आदत विकसित होती है। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि नियमित रूप से इस तरह के अभियान चलाए जाने चाहिए, ताकि सड़क पर अनुशासन बना रहे।
    जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। आने वाले दिनों में स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर भी सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा वर्ग को भी इसके प्रति संवेदनशील बनाया जा सके।
    अंततः यह अभियान न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है, बल्कि समाज में जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करने का भी एक प्रयास है। डीएम की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

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